Description
मशहूर कव्वाल नुसरत फ़तेह अली ख़ान द्वारा पढ़ी गई क़व्वालियों के संकलन का प्रयास हिन्दी तो क्या उर्दू में भी नहीं हुआ. हिन्दी में पहली बार नुसरत के प्रचलित कलाम का एक नायाब संग्रह है, इस किताब में नुसरत की जीवनी और उनके द्वारा पढ़े गए 300 से ज़्यादा उर्दू और फ़ारसी कलाम संकलित हैं. कलाम के साथ-साथ कवियों की तफ़सील भी दे दी गई है।





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